गुरुवार, 28 जून 2018

जुलाई में ठप हो सकती है मेट्रो की सेवाएं


जुलाई में ठप हो सकती है मेट्रो की सेवाएं

दिल्ली में जुलाई में ठप हो सकती है मेट्रो की सभी सेवाएं मिली जानकारी के अनुसार 1 जुलाई 2018 से दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी हड़ताल करने की तैयारी में है इस वजह से मेट्रो की सभी सेवाएं बंद हो जाएगी आगरा कर्मचारी हड़ताल करते हैं तो दिल्ली के लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है!

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

ये है भारत का सबसे बड़ा राजनेता


ये है भारत का सबसे बड़ा राजनेता

भारत के सबसे बड़े राजनेता
नाम – अमित शाह
जन्म – 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र,भारत
नागरिकता – भारतीय
राजनैतिक दल – बीजेपी
शादी – सोनल शाह
बच्चें – एक बेटा, जय शाह
शुरूआती जीवन
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. शाह एक बिजनेस परिवार से आते हैं और जैन धर्म के गुजराती व्यक्ति हैं. शाह की शिक्षा बायोकेमिस्ट्री में बीएससी की है. राजनीति में आने से पूर्व शाह और उनके पिता एक प्लास्टिक का व्यापार करते थे. छोटी सी उम्र में शाह स्वंय सेवक संघ से जुड़ गए थे.
कॉलेज के समय शाह की मुलाकात नरेन्द्र मोदी से हुई जो अभी भारत के प्रधानमंत्री हैं. इसके बाद शाह 1983 में अखिल भारतीय विद्याथी परिषद् से जुड़ गए. इससे पहले अमित शाह छात्र जीवन में ही राजनीति में आ गए थे.
राजनीतिक कैरियर
साल 1986 के समय अमित शाह बीजेपी में शामिल हुए थे. 1987 में शाह भारतीय जनता युवा मोर्चा के मेम्बर बने. सन 1991 में शाह पहली बार राजनीति में तब अधिक दिखे जब शाह ने आडवाणी के साथ मिलकर गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार का जिम्मा लिया था
शाह को दूसरा मौका मिला 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात से चुनाव लड़ना तय किया था. उसके बाद अमित शाह ने 1997 में गुजरात के सरखेज विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर अपने राजनीतिक कैरियर को बड़ा किया.
2003 से 2010 तक उन्होंने गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी ली. वही सन 2009 के समय शाह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाये गए. 2012 में नर्नपुरा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए.शाह को मोदी का बेहद करीबी माना जाता हैं. सन 2013 को शाह को उत्तर प्रदेश का बीजेपी प्रदेश प्रभारी बनाया गया थाजिस समय शाह को up का प्रदेश प्रभारी बनाया गया था तब पार्टी के यूपी में 10 लोकसभा सीटें ही थे लेकिन 16 मई 2014 के आम चुनावों में up में बीजेपी 71 सीटों पर विजयी हुई थीं और up प्रदेश बीजेपी का सबसे बड़ा विजय अभियान था. अमित शाह को लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया.

क्रिकेट में “दीवार” की उपाधि से मशहूर है ये खिलाड़ी

लम्बे समय तक बल्लेबाजी करने की उनकी क्षमताके कारण उन्हें दीवार के रूप में जाना जाता है, द्रविड़ ने क्रिकेट की दुनिया में बहुत से रिकॉर्ड बनाये हैं। द्रविड़ को 2004 के उद्घाटन पुरस्कार समारोह में इस वर्ष के आईसीसी प्लेयर और वर्ष के टेस्ट प्लेयर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया वो तीसरे ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बनाये हैं। राहुल द्रविड भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। अक्टूबर 2005 में वे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में नियुक्त किये गए और सितम्बर 2007 में उन्होंने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। वे दुनिया के अनुभवी क्रिकेटरों में से एक हैं। विश्व टेस्ट क्रिकेट में “दीवार” की उपाधि से मशहूर राहुल द्रविड़ को 2000 में पांच विसडेन क्रिकेटरों में से एक के रूप में सम्मानित किया गया था

राहुल द्रविड जिनका पूरा नाम राहुल शरद द्रविड़ है इनका जन्म इंदौर, मध्य प्रदेश के मराठा परिवार में 11 जनवरी 1973 को हुआ। इनका एक छोटा भाई है  जिसका नाम विजय है दोनों भाई एक साधारण मध्यम वर्ग के माहौल में बड़े हुए। उनकी माँ पुष्पा, बंगलौर विश्वविद्यालय में वास्तुकला की प्रोफेसर थीं। राहुल द्रविड ने कर्नाटक के सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ़ कोमर्स बेंगलोर से डिग्री प्राप्त की। राहुल ने नागपुर की एक सर्जन डॉक्टर विजेता से शादी की और इनके दो पुत्र हैं।

क्या आप जानते है भाषा का पहला व्याकरण पाणिनी ने लिखा था


दुनिया का पहला व्याकरण पाणिनी ने लिखा। 500 ईसा पूर्व पाणिनी ने भाषा के शुद्ध प्रयोगों की सीमा का निर्धारण किया। उन्होंने भाषा को सबसे सुव्यवस्थित रूप दिया और संस्कृत भाषा का व्याकरणबद्ध किया। इनके व्याकरण का नाम है अष्टाध्यायी जिसमें 8 अध्याय और लगभग 4 सहस्र सूत्र हैं।
व्याकरण के इस महनीय ग्रंथ में पाणिनी ने विभक्ति-प्रधान संस्कृत भाषा के 4000 सूत्र बहुत ही वैज्ञानिक और तर्कसिद्ध ढंग से संग्रहीत किए हैं।अष्टाध्यायी मात्र व्याकरण ग्रंथ नहीं है। इसमें तत्कालीन भारतीय समाज का पूरा चित्र मिलता है। उस समय के भूगोल, सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा और राजनीतिक जीवन, दार्शनिक चिंतन, खान-पान, रहन-सहन आदि के प्रसंग स्थान-स्थान पर अंकित हैं।
इनका जन्म पंजाब के शालातुला में हुआ था, जो आधुनिक पेशावर (पाकिस्तान) के करीब तत्कालीन उत्तर-पश्चिम भारत के गांधार में हुआ था। हालांकि पाणिनी के पूर्व भी विद्वानों ने संस्कृत भाषा को नियमों में बांधने का प्रयासकिया लेकिन पाणिनी का शास्त्र सबसे प्रसिद्ध हुआ।
19वीं सदी में यूरोप के एक भाषा विज्ञानी फ्रेंज बॉप (14 सितंबर 1791- 23 अक्टूबर 1867) ने पाणिनी के कार्यों पर शोध किया। उन्हें पाणिनी के लिखे हुए ग्रंथों तथा संस्कृत व्याकरण में आधुनिक भाषा प्रणाली को और परिपक्व करने के सूत्र मिले। आधुनिक भाषा विज्ञान को पाणिनी के लिखे ग्रंथ से बहुत मदद मिली। दुनिया की सभी भाषाओं के विकास में पाणिनी के ग्रंथ का योगदान है।
इस तरह ऐसे सैंकड़ों आविष्कार है जो भारत के लोगों ने किए लेकिन चूंकि पश्चिम ने विश्व पर राज किया इसलिए इतिहास उन्होंने ही लिखा और उन्होंने साजिश के तहत खुद के दार्शनिक और वैज्ञानिकों को महिमामंडित किया।